अधिवक्ताओं ने जताई नाराजगी, कहा— समस्याओं के समाधान और स्पष्ट आश्वासन के बिना आंदोलन जारी रहेगा
रुद्रपुर (देवरिया)। तहसील परिसर में विभिन्न मुद्दों और कथित अनियमितताओं को लेकर तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का धरना अध्यक्ष सत्यानंद पाण्डेय के नेतृत्व में लगातार सातवें दिन भी जारी रहा। धरने के लंबा खिंचने से अधिवक्ताओं के बीच असंतोष और नाराजगी का माहौल साफ दिखाई दिया।
धरना स्थल पर अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि तहसील की कार्यप्रणाली को लेकर लंबे समय से उठाई जा रही शिकायतों और समस्याओं पर अपेक्षित स्तर पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने नायब तहसीलदार अनिल तिवारी के कार्यशैली को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि यदि प्रशासनिक स्तर पर सुधार और स्पष्ट लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता है तो आंदोलन जारी रहेगा तथा आने वाले समय में इसे और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
धरने में मौजूद अधिवक्ताओं का कहना था कि लगातार सात दिनों तक विरोध प्रदर्शन की स्थिति बने रहना इस बात का संकेत है कि संवाद और समाधान की दिशा में प्रभावी पहल की जरूरत है। उनका कहना था कि समस्याओं के निराकरण को लेकर समय रहते सकारात्मक प्रयास होने चाहिए ताकि अनावश्यक टकराव की स्थिति न बने। इस अवसर पर महामंत्री विनोद पाठक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रामेश्वर मणि, राजेश त्रिपाठी, भूपेन्द्र शर्मा, सीताराम साहनी, पंकज शुक्ला, सुधांशु मौली ओझा, सत्य प्रकाश गुप्ता, विकास त्रिपाठी, सतीश गुप्ता, कृष्ण मूर्ति मणि, रणधीर सिंह, शशिभूषण, विनय शुक्ला, सत्यपाल यादव, सौरभ गुप्ता, निलेश श्रीवास्तव, प्रवीण पाण्डेय सहित अनेक अधिवक्ता मौजूद रहे। यह मामला अब धीरे-धीरे सिर्फ धरने तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच बढ़ती दूरी को लेकर भी चर्चाएं तेज होती नजर आ रही हैं।


