रामेश्वर विश्वकर्मा रुद्रपुरी ब्यूरो चीफ खबर रुद्रपुर
वाराणसी । विश्व भोजपुरी संघ दुआरा जेठ पुरनिमा पे जैन मंदिर काम्प्लेक्स, मैदागिन स्थित कार्यालय पे निरगुन संत कबीर दास के जयंती सरधा भाव से मनावत ओनके बीजक,रमैनी के पाठ करल गयल । अध्यक्षीय उद्बोधन करत विश्व भोजपुरी संघ कs महासचिव डॉ. अपूर्व नारायण तिवारी ‘बनारसी बाबू’ कहलन कि पुरबिया माटी के अनमोल लाल,रतन कासी में जनमल ठेठ बनारसी रस में पगल संत कबीर दास में महायोगी महागुरु बाबा गोरखनाथ अउरी संत रामानंद के छाप सोझे दिखेला ।समतामूलक समाज के पैरोकार निरगुन संत कबीर दास के माईभासा कासिका रहल,जे तब पुरबी कहलावे आ आजु भोजपुरी कहलावेला ।आजु इहे कासिका भोजपुरी भासा के संबैधानिक दरजा देहल भारत सरकार के महती दायित्व हौ ।खुदे कबीर कहले रहलन “भासा हमार पुरबी, लख सके ना कोय,भासा हमार उहे बुझे,जे धुर पुरुब के होय”। ओही पुरबी भासा के अब भोजपुरी कहल जावेला अउरी आजु इ बीस करोड़ से बेसी लोगन के भासा बन चुकल हौ ।एहके मान्यता दीहल संत कबीर दास बदे नीमन आ असल सरधांजली होई ।
विश्व भोजपुरी संघ दुआरा उत्तर प्रदेश सरकार से कासी में गंगा तट पे एगो भव्य संत कबीर घाट निर्माण करावे, एगो कबीर शोध संस्थान आ कबीर संग्रहालय बनावे के भी पुरजोर मांग करल गयल ।
उपस्थित लोगन में ई.एस.एन.पांडेय, वैद्य दिनेश सिंह,बाबा मुकेश गिरी, डॉ.हिमांशु, डॉ.बी.एन.द्विवेदी, के.के.मिश्रा,रतन गुरु, काशीनाथ तिवारी, धुर बटोर आदि रहलन ।


