35 निराश्रित पशु पकड़कर गौशाला भेजे गए, ग्रामीणों ने समय पर कार्रवाई न होने पर उठाए सवाल
रुद्रपुर, देवरिया। पिड़रा गांव में आवारा सांड के हमले में किसान तेज बहादुर साहनी की मौत के बाद प्रशासन हरकत में आ गया। गुरुवार को खंड विकास अधिकारी एजाज अहमद की निगरानी में विशेष अभियान चलाकर 35 निराश्रित पशुओं को पकड़कर पिपरा चंद्रभान गौशाला भेजा गया। अभियान में विकासखंड के सफाई कर्मचारी, ग्राम पंचायत सचिव, सहायक विकास अधिकारी (ग्राम विकास एवं पंचायती राज) तथा पशुपालन विभाग के चिकित्सक और फार्मासिस्ट शामिल रहे। कैटिल कैचर वाहन की मदद से पशुओं को पकड़कर सात वाहनों के माध्यम से गौशाला पहुंचाया गया। प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र को आवारा पशुओं से मुक्त कराने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
वहीं, इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों के बीच एक बड़ा सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी और इसकी शिकायतें भी की जाती रही थीं। इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई तब शुरू हुई, जब एक किसान की जान चली गई। ग्रामीणों का मानना है कि यदि पहले ही गंभीरता दिखाई गई होती तो शायद यह दुखद घटना टाली जा सकती थी।
बता दें कि बुधवार को पिड़रा गांव निवासी किसान तेज बहादुर साहनी की आवारा सांड के हमले में मौत हो गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था और निराश्रित पशुओं के स्थायी समाधान की मांग तेज हो गई थी। प्रशासन द्वारा चलाया गया यह अभियान अब चर्चा का विषय बना हुआ है।


