संस्कार ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी : स्वामी रामजी दास

रुद्रपुर के शिक्षाविदों व समाजसेवियों ने अयोध्या में किया सम्मान, कथाव्यास ने स्वरचित पुस्तक भेंट कर दिया आशीर्वाद

रामेश्वर विश्वकर्मा रुद्रपुरी

रुद्रपुर (देवरिया)। रुद्रपुर क्षेत्र के शिक्षाविदों, समाजसेवियों एवं बुद्धिजीवियों ने अयोध्या धाम स्थित श्री किशोरी कृपा कुंज आश्रम, रामनगर कॉलोनी में प्रख्यात कथावाचक एवं नव्य व्याकरणाचार्य स्वामी रामजी दास महाराज का सम्मान किया। इस दौरान प्रत्युष विहार, रामचक रुद्रपुर के प्रधानाचार्य राणाप्रताप सिंह, यूट्यूब शिक्षक डॉ. रविकांत मणि त्रिपाठी, बुद्धा सेंट्रल एकेडमी के प्रबंधक संजय कुमार यादव, समाजसेवी रामप्रवेश भारती, टी.के. इन्फॉर्मेशन के निदेशक तारकेश्वर विश्वकर्मा तथा रामप्रवेश प्रजापति ने उन्हें अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर अभिनंदन किया।
इस अवसर पर स्वामी रामजी दास महाराज ने सभी अतिथियों को अपनी स्वरचित पुस्तक भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया। उन्होंने कहा कि संस्कार ही मनुष्य के जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं। अच्छे संस्कार व्यक्ति को सही दिशा देने के साथ ही समाज में उसकी विशिष्ट पहचान स्थापित करते हैं। कथाव्यास ने युवाओं से नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का आह्वान करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की प्रतिभा, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि सदाचार, अनुशासन, संयम और नैतिक मूल्यों को अपनाकर ही स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से नई पीढ़ी को संस्कारित बनाने तथा समाज में नैतिक मूल्यों के प्रसार का संकल्प लेने का आह्वान किया। रुद्रपुर क्षेत्र से पहुंचे शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने महाराज के विचारों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प व्यक्त किया।

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