राम जन्मोत्सव पर गूंजे जयकारे, भक्ति के रंग में रंगा कथा पंडाल
राणाप्रताप सिंह
रुद्रपुर (देवरिया)। श्री दुग्धेश्वरनाथ तीर्थ सेवा न्यास के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के तीसरे दिन रविवार को कथा पंडाल श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर नजर आया। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा तथा श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा का आनंद लेते दिखाई दिए।
कथा व्यास पंडित वीरेन्द्र तिवारी ने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, भरत एवं शत्रुघ्न के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि भगवान का अवतार केवल अधर्म के विनाश के लिए नहीं, बल्कि मानवता को सत्य, धर्म और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देने के लिए होता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन आदर्श, त्याग और मर्यादा का प्रतीक है, जिससे प्रत्येक व्यक्ति को प्रेरणा ग्रहण करनी चाहिए। उन्होंने यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक ऊर्जा, शुद्धता और लोककल्याण का माध्यम भी है। यज्ञ मनुष्य के जीवन में संस्कार, संयम और सद्भावना का संचार करता है। राम जन्मोत्सव प्रसंग के दौरान कथा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर कथा श्रवण करते रहे तथा भगवान के जन्मोत्सव प्रसंग पर भावविभोर नजर आए। इस अवसर पर मुख्य यजमान डॉ. एस.पी. त्रिपाठी, आचार्य आदित्य पाण्डेय, अरविंद पाण्डेय, आयोजक मंडल सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला श्रद्धालु उपस्थित रहे।


