एसडीएम पहुंचे धरना स्थल, 28 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा; अधिवक्ताओं का दो टूक– लिखित आश्वासन तक संघर्ष जारी
राणाप्रताप सिंह
रुद्रपुर (देवरिया)। तहसील में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और कार्यप्रणाली को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा लगातार चौथे दिन भी सड़कों पर दिखाई दिया। तहसील बार एसोसिएशन के बैनर तले चल रहा अनवरत धरना गुरुवार को भी जारी रहा। आंदोलन की गंभीरता के बीच अधिवक्ताओं के अनुसार अपराह्न एसडीएम अवधेश कुमार निगम धरना स्थल पर पहुंचे और अधिवक्ताओं से वार्ता की।
बार एसोसिएशन के महामंत्री विनोद पाठक ने बताया कि एसडीएम को 28 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया है, जिसमें प्रमुख रूप से नायब तहसीलदार अनिल तिवारी की कार्यशैली, आरके कार्यालय, कंप्यूटर कक्ष की व्यवस्था तथा राजस्व न्यायालयों से जुड़े कर्मचारियों की कार्यप्रणाली से संबंधित शिकायतें शामिल हैं। उनका कहना था कि जब तक प्रशासन की ओर से मांगों के संबंध में कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
धरने पर बैठे अधिवक्ताओं का कहना था कि यह आंदोलन किसी व्यक्तिगत स्वार्थ या हठधर्मिता का हिस्सा नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था में पारदर्शिता और आम जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। अधिवक्ताओं का कहना था कि यदि न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े लोग अपनी समस्याओं को लेकर लगातार धरने पर बैठने को मजबूर हैं, तो तहसील आने वाले आम फरियादियों की समस्याओं का सहज अनुमान लगाया जा सकता है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों के अनुसार एसडीएम ने मांगपत्र का अध्ययन कर समस्याओं के समाधान की दिशा में कार्यवाही का आश्वासन दिया तथा धरना समाप्त करने का आग्रह भी किया। हालांकि अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। धरना-प्रदर्शन में राजेश त्रिपाठी, आनंद शंकर मणि, विजय सिंह, विश्व विजय मल्ल, राजेश्वरी मिश्रा, फणींद्र पांडे, हनुमान शुक्ला, रामेश्वर मणि, सत्य प्रकाश गुप्ता, अजीत त्रिपाठी, कृष्ण मूर्ति मणि, शशि भूषण, सतीश गुप्ता, विकास, पीयूष निषाद, निलेश श्रीवास्तव, अनुज श्रीवास्तव, पंकज शुक्ला, तारकेश्वर सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।


